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Saturday, October 29, 2011

jub mene gaadi chalani sikhi

में जब भी किसी महिला को गाडी चलते देखती हूँ,तो मन में उसके प्रति प्रशंसा , तरस और जलन तीनो भाव एक साथ आते है.प्रशंसा इसलिए  इसलिए की वाह क्या बढ़िया गाडी चला रही है,तरस इस लिए की है केसे इसने सीखा होगा,और जलन इस लिए क्योकि में गाडी चलाना न  सीख पायी .
                             मेरे पति ने वेगेन -आर खरीदी.कुछ तो चमचमाती कार के रूप ने मुझे लुभाया,कुछ आस पास के लोगो ने मुझे उकसाया .मेने भी गाडी चले का मन बना लिया.
                           पहले दिन गाडी सिखाने वाले ने" इनसे" कहा -अरे सर ये मैडम ध्यान नहीं देती है.ब्रेक की कहो तो एक्सीलेटर दबाती हैं.पति ने हमारा होसला बढाया.कहा कोई बात नहीं अबसे ध्यान रखना.धीरे र्धीरे हम गाडी सरकाना सीख गए .इसी में गर्व महसूस करके अपने आप को परफेक्ट समझने लग  गए.
                          एक बार बच्चो ने कहा मम्मी आईसक्रीम खानी है.पति का मूड नहीं था हमने बच्चो से कहा बेठो गाडी में में खिला कर लाती हूँ.लेकिन थोडा रात में चलेगे.क्योकि तब  रोड खाली मिलेगी 
                         रात साढ़े दस बजे हमने गाडी निकली.और धीरे धीरे चलते हुए आईसक्रीम वाले के ठीक सामने बीच सड़क पर गाडी रोकी.जब तक हमने आईसक्रीम बनवाई तुब तक ट्रको की नो एंट्री खुल चुकी थी.और हमारे पीछे  ट्रको की लाइन लग चुकी थी.होर्न की आवाज सुनी तो लोगो ने कहा गाडी हटा लो.हमने गाडी स्टार्ट की,गाड़ी स्टार्ट हो गयी लेकिन जेसे ही हम उसे आगे बढ़ाने की कोशिश करे गाड़ी बंद हो जाये.हमने फिर कोशिश कीलेकिन नतीजा फिर वही जीरो.ट्रक वाले होर्न बजाये जा रहे थे और हमारे पसीने छूटे जा रहे थे.एक ट्रक वाला उतर कर आया बोला गाडी हटाओ न.हमने कहा चुप...........नहीं हटाती सड़क क्या तेरे  बाप की है.वो गुस्से में वापस चला गया लेकिन शायद गाडी को मुझ पर तरस आ गया .बड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी आगे बढ़ी तो हमसे ज्यादा लोगो को ख़ुशी मिली.वे समवेत चिल्लाये चल गयी चल गयी.मानो गोली चल गयी.बड़ी मुश्किल से हम घर वापस आये.पति चिंता से हमारा इन्तजार कर रहे थे देखते ही वो गुर्राए.हमने सारा मामला उन्हें एक सांस में कह सुनाया.बच्चो ने भी हमारे समर्थन में सर हिलाया.पति बोले नयी गाडी में क्या खराबी आ गयी देखते हैं.पति ने चेक किया और कहा क्या तुमने हैण्ड ब्रेक हटाया था.उफ़ ये तो मुझे याद ही नहीं रहा था.पति बोले सारा टायर घिस गया होगा.पति ने हैण्ड ब्रेक हटाया और कहा गाडी अन्दर रखो.हमने गाडी स्टार्ट की बस फिर वही गलती हो गई एक्सीलेटर  जोर से दबा दिया.गाडी मेढक की तरह उछली  और गराज की दीवार से जा टकराई.उसका आगे से हुलिया बिगड़ गया.पति बोले बस अब गाड़ी मत चलाना .  गाडी से ज्यादा मुझे तुम्हारी और  लोगो की चिंता है.बस भाइयो तब  से में गाडी को हाथ नहीं लगाती हूँ.लेकिन किसी महिला को गाडी चलते देख कर बस आह भर कर रह जाती हूँ. 

zeero figure

जब से मेने करीना का जीरो फिगर देखा है वो मेरी रोल मोडल बन गयी है.है कहा वो करीना का परफेक्ट फिगर कहाँ मेरी ये मोटी कमर.चलती  है तो क्या मटकती है.और हम चले  तो देखने वाले तरस खाते है कहते है देखो मोटी केसे लुढ़क रही है बेचारी.
                    हाँ अब मेने सोच लिया है में भी जीरो फिगर बनाओगी.भूखी  रह कर वजन घटाऊगी.मुझ जेसी हर  महिला अगर कम खाने लगेगी तो देश का तो बहुत फायदा होगा-
१-जब  अन्न कम लगेगा तो महगाई कम होने लगेगी
२-दूध घी नहीं खायेगे तो इनकी नदिया फिर से बहने लगेगी
                     मैने सोच लिया है आफ्टर जीरो फिगर नो साड़ी,नो सूट बस ओनली मिनि ,मिनी,एंड जींस . 
अरे देखने लायक बॉडी होगी तो दिखाऊ क्यों नहीं.हो सकता है में दूसरो की रोल मोडल बन जाऊ.मेरी ड्रेस फेशन बन  जाये.और एक फायदा नए लोगो के लिए कितने जॉब और रिसर्च की ब्रांच खुल जाएगी डाईट.प्लास्टिक सर्जरी नेनो जेसी कार की डिजायनिंग .एक नेनो लेलो मेरी जेसी जीरो फिगर वाले दो लोगो को बिठा लो
                   आहा  जीरो फिगर होते ही में  मिस इंडिया में अपना नोमिननेशन  कराऊगी अगर मिस इंडिया बन गयी तो हो सकता है शाहरुख़ मुझे करीना के फिगर के बारे में दो शब्द बोलने को कहे.में ज्यादा नहीं बोलूगी बस कहूगी थोडा मोटी है .............
                  तो बस कल से जीरो फिगर अभियान शुरू.पर आज बस आखिरी बार ६ गोलगप्पे,दो आलू टिक्की,एक मीडियम पिज्जा.एक कारनेटो,एक आमलेट और बस एक गिलास दूध मलाई मार के ............

Wednesday, October 26, 2011

ek tukda muskan joke: mera aashiyaana

ek tukda muskan joke: mera aashiyaana

esa kyo

एसा क्यों की कई बार मन चंचल हो जाता है
कितना भी चाहे यादो से उबार नहीं पता है
एसा क्यों की कोई पास रह कर भी अजनबी और दूर हो कर भी अपना बन जाता है
एसा क्यों साथ र५अह कर अपना दंभ आड़े आता है और दूर रह कर अकेलापन सताता है
एसा क्यों की झूटी बाते सच्ची लगती है और सच्चे मोतिओ में झूट नजर आता है
एसा क्यों की सीरत से ज्यादा सूरत लुभाती है
एसा क्यों की हर दुआ का उत्तर नहीं होता ..........
एसा क्यों की हम चलते जाते है किसी को पाने की चाह में जीवन गुजार देते हैं........

mera aashiyaana

जिंदगियो के बसने के लिए चंद दीवारे ही बहुत होती हैं ............
इन्ही दीवारों के साए  में मुहब्बत अरमानो के संग चैन से सोती है
दिन बसर यहीं होता है, शाम भी ढलती है यहीं
तेरे तस्सवुर की आगोश में मेरे वजूद की शमा जलती है यहीं
कैद हैं इसमें वफ़ा के कई अफ़साने
बिखरे हैं इसकी फिजा में चाहतो के कई नजराने
चार दीवारी न कहो मेरा ख्वाब गाह है ये
यहाँ देखे हैं मेने प्यार के कई हसीं जमाने 

ek tukda muskan joke: hip hip hurre

ek tukda muskan joke: hip hip hurre: अरे ओ किरकेट के कप्तान नासिर भाई आपकी एक बात मेरी समझ में नहीं आई क्या आप गधो को वाकई पहचानते हो या बस यूं ही अनाप शनाप बक जाते हो मुझे तो ल...

hip hip hurre

अरे ओ किरकेट के कप्तान नासिर भाई
आपकी एक बात मेरी समझ में नहीं आई
क्या आप गधो को वाकई पहचानते हो
या बस यूं ही अनाप शनाप बक जाते हो
मुझे तो लगता है की आपको पहचान नहीं है
इसलिए भारत के लिए क्या कह गए इसका भान नहीं है
यदि आपने हमारे क्रिकेटरों को पहचान लिया होता
तो इस तरह आसमान की तरफ मुह करके न थूका होता
देख लो अब उन्ही गधो ने क्या दुलत्ती मारी है
की जीतना तो दूर एक एक रन बनाना भारी है
आपके बोलर तो न कर सके कुछ कमाल 
लेकिन हमारे खिलाडियों  ने मचा डाला है धमाल
अब कभी किसी को यूं गधा न बुलाना
बोलने से पहले ये दुलत्ती न भुलाना
हो सकता है इग्लैंड में तब  अल्लाह था आप पर मेहरबान 
तभी  आप की टीम बन गयी थी पहलवान
लेकिन मेरे भाई हमेशा याद रखना मेरा ये कथन महान
हर हाल में हर बार रहेगा 
मेरा भारत महान, मेरा भारत महान